WhatsApp Image 2026-02-22 at 12.00.15 AM

पीपलकोटी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पीपलकोटी स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों तथा मरीजों को प्रदान की जा रही उपचार सेवाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन व्यवस्थाओं, जांच सुविधाओं तथा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के उपचार की प्रक्रिया की समीक्षा की।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को यहां गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं के साथ संचालित यह चिकित्सालय पर्वतीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले नागरिकों को भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों और इस दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने चिकित्सकों और समस्त स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस समर्पण भाव से सेवाएं दी जा रही हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को लेकर सरकार निरंतर प्रयासरत है, ताकि आमजन को बेहतर उपचार के लिए दूर-दराज़ न जाना पड़े।

इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को संस्थान की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं एवं आवश्यकताओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का यह निरीक्षण राज्य सरकार की जनकल्याणकारी और संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *