श्रीनगर। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले श्रीनगर के छात्रसंघ चुनाव में भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को बड़ा झटका लगा है। छात्रसंघ चुनाव में सभी प्रमुख पदों पर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर अपना परचम लहराया।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद एनएसयूआई समर्थकों में उत्साह का माहौल है। वहीं, एबीवीपी के लिए यह परिणाम छात्र राजनीति में बड़ा झटका माना जा रहा है। एनएसयूआई ने विभिन्न प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर छात्रसंघ पर अपना दबदबा कायम किया।
श्रीनगर की छात्र राजनीति में इस चुनाव परिणाम को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस के छात्र संगठनों के बीच मुकाबले में एनएसयूआई की एकतरफा जीत ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। इसे विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए मनोवैज्ञानिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, छात्रसंघ चुनाव के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव के जनादेश से जोड़ना उचित नहीं होगा। छात्र राजनीति के मुद्दे, समीकरण और मतदाताओं का दायरा विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इसके बावजूद श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण छात्र राजनीतिक केंद्र में एनएसयूआई की जीत ने प्रदेश की छात्र राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। चुनाव परिणाम के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया और इसे छात्र हितों की जीत बताया। वहीं, एबीवीपी के लिए परिणामों की समीक्षा और आगामी रणनीति को लेकर मंथन की स्थिति बन गई है।
