देहरादून। श्री सत्य साई संगठन, उत्तराखण्ड की ओर से पाइन व्यू स्कूल में ‘स्वच्छता से दिव्यता’ अभियान के तहत स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने और आंतरिक एवं बाह्य शुद्धता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता को केवल शारीरिक सफाई तक सीमित न रखते हुए मन, वाणी, विचार और कर्म की शुद्धता से भी जोड़ा गया। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने तथा अपने आचरण में स्वच्छता और सेवा की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान बच्चों ने प्रार्थना, सामूहिक गीत गायन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गीतों की प्रस्तुतियां भी दीं। अभियान के तहत एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इसके इस्तेमाल से बचने और कपड़े के थैलों को अपनाने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में पाइन व्यू स्कूल लेन को ‘नो प्लास्टिक जोन’ घोषित किया गया। कार्यक्रम में ‘प्लास्टिक को ना, प्रकृति को हां’ और ‘स्वच्छता ही सेवा है’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने स्कूल लेन और आसपास के क्षेत्रों में फैले प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया।
बच्चों की इस पहल के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर पाइन व्यू स्कूल की विद्यालय प्रबंधक /अध्यक्ष रतूड़ी, सुनील शर्मा, सहयोगीगण:,डॉ. बीना जोशी, डॉ. प्रीति जोशी, रीता पंत, प्रधानाचार्य शशि नैथानी, तथा श्री सत्य साई संगठन, उत्तराखण्ड के सहयोगियों की सहभागिता रही। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सेवा की भावना को दैनिक जीवन में अपनाकर ही स्वच्छ, हरित, समृद्ध और दिव्य भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

