(tehri fisheries rural income inspection)
टिहरी गढ़वाल। ग्रामीणों की आय बढ़ाने और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने विकासखंड थौलधार के विभिन्न गांवों में मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं का निरीक्षण(tehri fisheries rural income inspection) किया। इस दौरान उन्होंने कलस्टर आधारित तालाबों, सोलर सिस्टम और कमान्द बाजार में स्थापित फिश कियोस्क का जायजा लिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला योजना के अंतर्गत ग्राम केंचु में निर्मित कलस्टर आधारित तालाबों का निरीक्षण किया। इसके अलावा ग्राम स्यांसू और धरवाल गांव में पूर्व में निर्मित तालाबों की स्थिति भी देखी। उन्होंने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापित सोलर सिस्टम का भी निरीक्षण किया।
केंचु गांव के तालाबों में डाले गए 40 हजार मत्स्य बीज
निरीक्षण(tehri fisheries rural income inspection) के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम केंचु में लाभार्थियों द्वारा निर्मित कलस्टर आधारित तालाबों में लगभग 40 हजार कार्प मत्स्य बीज का संचय किया गया है। इन तालाबों के माध्यम से ग्रामीणों को मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आजीविका और आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, ग्राम स्यांसू और धरवाल के लाभार्थियों ने ग्रीन वैली मत्स्य जीवी सहकारी समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य पूर्व में निर्मित कलस्टर आधारित तालाबों में पंगास और कार्प प्रजाति की मछलियों का पालन कर रहे हैं।
स्थानीय बाजार और फिश कियोस्क के माध्यम से हो रहा मछली का विक्रय
ग्रीन वैली मत्स्य जीवी सहकारी समिति द्वारा उत्पादित मछलियों को स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है। इसके साथ ही कमान्द बाजार में स्थापित फिश कियोस्क के माध्यम से भी मछलियों का विक्रय किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने मत्स्य विभाग को फिश कियोस्क का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक लोग स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी मछली का लाभ उठा सकेंगे और मत्स्य पालकों को अपने उत्पादों के विपणन के बेहतर अवसर मिलेंगे।
पंगास मछली के लिए कोल्ड स्टोर बनाने की मांग
निरीक्षण(tehri fisheries rural income inspection) के दौरान ग्रीन वैली मत्स्य जीवी सहकारी समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने स्थानीय बाजार में पंगास मछली के संग्रहण के लिए एक लघु कोल्ड स्टोर स्थापित करने की मांग रखी।
समिति ने मत्स्य पालन के साथ कृषि कार्य को जोड़कर एकीकृत कृषि गतिविधियां संचालित करने के लिए भी विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अतिरिक्त अवसर विकसित करने और कृषि एवं मत्स्य पालन को साथ जोड़ने में मदद मिल सकती है।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर
निरीक्षण के दौरान मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं, तालाबों और विपणन सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। फिश कियोस्क के प्रचार-प्रसार और स्थानीय बाजार में मछली की बिक्री को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि मत्स्य पालकों को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस tehri fisheries rural income inspection अवसर पर विकासखंड थौलधार के ब्लॉक प्रमुख सुरेन्द्र सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान केंचु भगवान सिंह महर, सहायक निदेशक मत्स्य नितीश कुमार, मत्स्य निरीक्षक अनिल सिंह रावत और स्थानीय मत्स्य पालक उपस्थित रहे।

