बीजेपी-जेडीयू ने बांट ली एनडीए की सीटें; फोकस महागठबंधन पर शिफ्ट,

लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए ने सोमवार को सीटों का बंटवारा कर लिया। माना जा रहा है कि कुछ देर में कम से कम भाजपा के प्रत्याशियों का भी ऐलान हो जाएगा। भाजपा ने अपने पास 17 सीटें रखी हैं और जदयू को 16 सीटें दी गई हैं। अप्रत्याशित रूप से पशुपति पारस को कोई सीट नहीं दी गई जबकि उनके भतीजे चिराग पासवान को पांच सीटें दे दी गई हैं। एक सीट मांझी के हम और एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को दी गई है। अब नजरें महागठबंधन पर टिक गई हैं। कहा जा रहा है कि महागठबंधन के घटक दल सीट बंटवारे में सामाजिक समीकरण को साधने में जुटे हैं। इसलिए महागठबंधन के सभी पांच घटक दलों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर अंतिम सहमति सोमवार को भी कायम नहीं हो सकी। इन घटक दलों के बीच राज्य स्तर पर यह संदेश देने की कोशिश है कि सभी दलों से समाज के सभी प्रमुख वर्ग के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे जाएं।
सोमवार को मुंबई से नई दिल्ली लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ राजद नेता व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजद व कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर शीर्ष स्तर पर सहमति बनाने की कोशिश की। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ज्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया गया है। एक-दो सीटों पर चर्चा होना बाकी है। दो-तीन दिन में सब तय हो जाएगा।
वहीं, नई दिल्ली में कांग्रेस के बिहार प्रभारी मोहन प्रकाश एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ राजद सांसद प्रो. मनोज झा और बिहार से गए पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस के दावे वाली सीटों और संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर चर्चा की गयी। इस बैठक में प्रत्याशियों की जमीनी राजनीतिक पकड़, उनके जीतने की संभावना व संसदीय क्षेत्र की सामाजिक स्थिति इत्यादि पर मंथन किया गया।


