देहरादून। बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और शिक्षकों को भविष्य की शिक्षण पद्धतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल में ‘AI Learning Day: Empowering Educators for the Future’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का केंद्रीय विषय ‘स्मार्ट शिक्षण, रचनात्मक अधिगम और जिम्मेदार नवाचार’ रहा। कार्यशाला में देहरादून के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ग्राफिक एरा ग्लोबल स्कूल के शिक्षक भी शामिल हुए। विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर कक्षा शिक्षण में इसके व्यावहारिक और जिम्मेदार उपयोग तक की जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार त्रेहन ने की। पूरे दिन चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को उभरती तकनीकों को सरल तरीके से समझाने के साथ-साथ ऐसे व्यावहारिक उपकरण और कार्य-ढांचे बताए गए, जिनके माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा सकता है। इसके अलावा प्रशासनिक एवं नियमित शैक्षणिक कार्यों को तकनीक की मदद से सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया।
एआई से लेकर प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तक प्रशिक्षण
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण चौहान ने ‘AI को सरलता से समझना’ विषय पर सत्र लिया। उन्होंने मशीन लर्निंग की मूलभूत अवधारणाओं तथा Large Language Models (LLMs) के विकास और उनकी कार्यप्रणाली से प्रतिभागियों को परिचित कराया। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सिद्धांत थपलियाल ने ‘अपने AI Teaching Assistant से मिलिए’ सत्र में ChatGPT, Microsoft Copilot, Google Gemini और Canva AI जैसे उपयोगी एआई टूल्स का प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि इन उपकरणों का उपयोग पाठ योजना तैयार करने, सामग्री विकसित करने और शिक्षण कार्यप्रवाह को अधिक प्रभावी बनाने में किस प्रकार किया जा सकता है। एआई शोधकर्ता चित्रांश बोस ने RACE Framework के माध्यम से Prompt Engineering की बारीकियां समझाईं। शिक्षकों को उद्देश्य आधारित और सटीक प्रॉम्प्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री तैयार करने में एआई का बेहतर उपयोग कर सकें। इंटरैक्टिव लैब के दौरान चित्रांश बोस ने AI Productivity एवं Classroom Resources के अंतर्गत ग्रेडिंग रूब्रिक्स को व्यवस्थित करने, प्रस्तुतियां तैयार करने तथा Bloom’s Taxonomy के अनुरूप शिक्षण सामग्री विकसित करने के तरीके बताए।
जिम्मेदार एआई उपयोग पर विशेष जोर
ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर गरिमा शर्मा ने ‘Responsible AI एवं Ethics’ सत्र में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की डिजिटल सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, नैतिक मानकों तथा एआई द्वारा उत्पन्न गलत अथवा काल्पनिक जानकारी (hallucinations) की पहचान और उससे निपटने के उपायों की जानकारी दी।
कार्यशाला के समापन पर फीडबैक सत्र और प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य राजकुमार त्रेहन ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता और सहयोगात्मक भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य शिक्षक की भूमिका को समाप्त करना नहीं, बल्कि शिक्षकों को अधिक सक्षम बनाकर विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है। कार्यशाला को शिक्षा क्षेत्र में तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख शिक्षण व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
