देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सहारनपुर का शातिर गैंगस्टर रईस दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। मौके से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और गोकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, एसएसपी देहरादून के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जिलेभर में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसी क्रम में 12-13 अगस्त की देर रात प्रेमनगर पुलिस दरू चौक के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गोरखपुर चौक की ओर से बिना नंबर की काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही बाइक सवारों ने रफ्तार बढ़ाई और चाय बागान की ओर भाग निकले।
पुलिस कर्मियों ने तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से आसपास के थानों को सूचना दी और बदमाशों का पीछा शुरू किया। पितांबरपुर-बनियावाला मार्ग पर बदमाश मोटरसाइकिल छोड़कर चाय बागान की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान पुलिस का सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लग गई। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल बदमाश की पहचान रईस पुत्र नसीम, निवासी खाताखेड़ी, थाना मंडी, सहारनपुर, हाल निवासी छुटमलपुर, सहारनपुर के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान नवाब निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने रईस के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और दो खोखे बरामद किए। वहीं सड़क किनारे छोड़ी गई बाइक से एक चापड़, एक कुल्हाड़ी, दो छुरी और नायलॉन की रस्सी बरामद हुई।
दो साल से था गोकशी के मामले में वांछित पुलिस के मुताबिक घायल बदमाश रईस प्रेमनगर क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई गोकशी की घटना में करीब दो वर्षों से वांछित चल रहा था। इस मामले में उसके चार साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रईस गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ सहारनपुर से देहरादून आया था। दोनों टी-स्टेट और आसपास के क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा गोवंश की रेकी कर कथित तौर पर गोकशी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस से बचने के लिए मोटरसाइकिल से नंबर प्लेट भी हटा दी गई थी।
डेढ़ दर्जन मुकदमों का आरोपी पुलिस के अनुसार रईस के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गोकशी, पशु क्रूरता, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सहारनपुर के विभिन्न थानों के अलावा हरिद्वार के रानीपुर और देहरादून के डोईवाला व प्रेमनगर थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस टीम पर फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में प्रेमनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। फरार आरोपी नवाब की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मुठभेड़ की सूचना पर पुलिस के उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।
