देहरादून। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा के साथ राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां उपलब्ध कराई गईं। डीएम ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। डीएम ने बताया कि 13 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए प्रारूप-6 में 39,025 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं, नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे एवं आपत्तियां तथा मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए प्रारूप-8 में 10,718 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस तरह नाम जोड़ने और विवरण संशोधन से संबंधित कुल 49,743 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति की नियमानुसार जांच होगी। संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाता को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा और नोटिस मिलने के सात दिन बाद सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। इन बूथवार शिविरों में आपत्ति वाले मतदाता और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष एवं प्रमाण प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा।
‘ठोस प्रमाण के बिना नहीं हटेगा किसी का नाम’
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप किसी भी व्यक्ति का नाम केवल आपत्ति के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। आपत्तिकर्ता को ठोस आधार और प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं और नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों को संबंधित बूथ तक पहुंचने में सहयोग करें, ताकि दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी निस्तारण हो सके।
डीएम ने चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा अथवा गलत जानकारी प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
5.47 लाख मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस
डॉ. चौहान ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 और वर्ष 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान नहीं होने के कारण करीब 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
15 सितंबर को फाइनल मतदाता सूची
जिलाधिकारी ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय, जिम्मेदार और रचनात्मक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 सितंबर को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा तथा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।
